नई दिल्ली: क्राइम ब्रांच के ACP अरविंद कुमार की टीम ने खोला ‘दीपक हत्यकांड’ का राज़

नई दिल्ली। रोहिणी जिले के नरेला थाना इलाके में पिछले दिनों घटित बहुचर्चित ‘दीपक उर्फ लाला हत्याकांड’ का खुलासा हो गया है। यह कामयाबी मिली है, दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच की रोहिणी सेक्टर 14 स्थित स्पेशल ऑपरेशन स्क्वाड -1 की टीम को। निःसंदेह यह दिल्ली पुलिस की एक बड़ी कामयाबी है।

(दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच एसीपी अरविंद कुमार)
दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच स्पेशल ऑपरेशन स्क्वाड (SOS) के ACP अरविंद कुमार के निर्देशन तथा तेज-तर्रार इंस्पेक्टर संजय दहिया के नेतृत्व में गठित एक विशेष पुलिस टीम ने घटना में संलिप्त एक नाबालिक सहित चार आरोपियों को सिरसपुर गुरुद्वारा स्थित जीटी रोड से गिरफ्तार किया है। लेकिन कड़ी मशक्कत के बाद। बता दें कि पुलिस टीम ने समय रहते इन्हें उस समय गिरफ्तार कर लिया, जब यह चारो हरिद्वार भागने की तैयारी में थे। इस पुलिस टीम में ASI नरेंद्र, हेड कांस्टेबल वीरेंद्र, कांस्टेबल संदीप, अंकुश, प्रवेश, मोहित, सोहनवीर व परमिंदर सिंह सहित कई जांबाज पुलिसकर्मी शामिल थे।


बता दें कि पुलिस टीम के हत्थे चढ़े इन चारों आरोपियों ने नरेला इलाके में एक ही रात दो संगीन वारदातों को अंजाम दिया था। इन्होंने नरेला के बांकनेर गांव निवासी दीपक उर्फ लाला की बेरहमी पूर्वक हत्या करने के बाद उसी रात मोटरसाइकिल लूट की घटना को अंजाम दिया। तभी यह दिनों मामले नरेला थाने में दर्ज कर लिये गए थे।
घटना 12 सितंबर, 18 की है। दीपक उर्फ लाला अपने एक साथी नवीन के साथ अपनी ईको कार में घर से निकलकर रात्रि करीब साढ़े आठ बजे बांकनेर स्थित दादा बाई मंदिर के सामने मुख्य सड़क पर पहुंचा, तो चारो आरोपी वहां पहले से मौजूद थे। उसी दौरान चारो आरोपियों ने बेरहमी पूर्वक चाकू गोदकर दीपक का कत्ल कर दिया। साथ ही नवीन को भी घायल कर दिया, बीच-बचाव करने पर। गनीमत रही की नवीन मौके से भाग निकलने में कामयाब हो गया। वरना उसकी भी हत्या हो सकती थी। वारदात को अंजाम देने के बाद चारो आरोपी दीपक की कार भी लूट ले गए, जिसे उन्होंने खामपुर गांव के पास लावारिस हालात में छोड़ दिया था। इस कार की बरामदगी उसी रात नरेला पुलिस ने कर ली थी। इस घटना के बाद आरोपियों ने उसी रात नरेला बवाना रोड से एक मोटरसाइकिल लूट की घटना को अंजाम दिया था।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान 19 वर्षीय सुमित भारद्वाज, पुत्र राज सिंह, निवासी मकान नम्बर 745, गांव बांकनेर, 21 वर्षीय सचिन खत्री उर्फ चीना, पुत्र राम कवर, निवासी मकान नम्बर 743, गांव बांकनेर, 20 वर्षीय शिव उर्फ लाल, पुत्र आज़ाद सिंह, निवासी मकान नम्बर 315, गांव बांकनेर और एक 16 वर्षीय नाबालिक के रूप में हुई है।
आरोपियों में सुमित पत्राचार से बीए द्वितीय वर्ष की पढ़ाई कर रहा है, तो सचिन दसवीं कक्षा पास है। यह बहरहाल मुंडका इलाके में स्थित एक फैक्ट्री में काम कर रहा था। जबकि शिव इग्नो से बीए फाइनल ईयर की पढ़ाई कर रहा है।
हत्या की वजह इलाके की एक लड़की थी, जिसे दीपक व सुमित दोनों पसंद करते थे। इसी वजह से सुमित ने अपने तीनो साथियों के साथ मिलकर दीपक की हत्या की, ताकि उसके प्यार में कोई अवरोध नही रहे।