दिल्ली: क्राइम ब्रांच के ACP संदीप लांबा की टीम ने खोला करोलबाग एक्सटॉर्शन कांड का राज!

नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने जरायम की दुनिया मे तेजी से उभर रहे एक ऐसे शातिर अपराधी को गिरफ्तार किया है, जो खुद की भौतिक जरूरतों को पूरा करने की चाहत में बालिग होते ही अपराध जगत में उतर गया और बेहद कम समय मे अपने संगीन कारनामों से दिल्ली पुलिस की नींद उड़ा दी थी। इस खतरनाक अपराधी को गिरफ्तार किया है, दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन यूनिट की टीम ने। निःसंदेह यह दिल्ली पुलिस की एक बड़ी कामयाबी है।
पुलिस टीम के हत्थे चढ़ा मात्र 19 वर्षीय पीयूष कटारिया, पुत्र शेर सिंह, निवासी मकान नम्बर 21 बी, Typ -1, आरामबाग, पहाड़गंज(दिल्ली) का ताल्लुक साधारण परिवार से है। लेकिन इसकी चाहत व हसरतें बड़ी हैं, जिसे पूरा कर पाने में इसके परिजन विवश थे। लिहाजा इसने अपनी भौतिक जरूरतों को पूरा करने के लिये जरायम का रास्ता चुना व अपने तीन अन्य साथियों के साथ एक आपराधिक गिरोह संगठित कर वारदात को अंजाम देने लगा था।
मात्र ग्यारहवीं कक्षा तक पढ़ाई कर रखे अपराधी पीयूष के पिता दिल्ली जल बोर्ड में कार्यरत बताये जाते हैं। पीयूष इतने सावधानी पूर्वक और शातिराना अंदाज में वारदात को अंजाम देता, कि इसके परिजन व जानकर भी इसके इस असलियत से अबतक अनजान थे। जब यह गिरफ्तार हुआ, तो इसके कारनामे सुनकर सभी भौंचक रह गए।
बता दें कि पीयूष ने अपने साथियों के साथ मिलकर हाल ही में फ़ोन कर दिल्ली के पटेल नगर निवासी राजीव ओबराय नामक एक कारोबारी से बकौल एक्सटॉर्शन मनी तीन लाख रुपये की डिमांड की थी। कारोबारी ने रकम देने से इनकार किया, तो इसने 29-30 सितंबर की रात दशहत में लाने के कारोबारी की कार पर ताबड़तोड़ फायरिंग की। फिर घटना के कुछ देर बाद ही कारोबारी के मोबाइल पर फ़ोन कर धमकी दी, ‘सेठ, इस बार तो तेरी कार पर गोली चलाई। यदि तूने डिमांड पूरा नही किया, तो अगली बार सीधे तेरी खोपड़ी पर गोली मारूंगा।’
इस घटना व धमकी के बाद पीड़ित कारोबारी ने उसी रात करोल बाग थाने में इस बाबत अज्ञात बादमाशों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया था।
दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच की स्पेशल इन्वेस्टीगेशन यूनिट के ACP संदीप लांबा के निर्देशन तथा इंस्पेक्टर आशीष दुबे के नेतृत्व में गठित एक विशेष पुलिस टीम ने अपराधी पीयूष को दिल्ली के गोल मार्किट इलाके से गिरफ्तार किया है। इस पुलिस टीम में तेज-तर्रार सब इंस्पेक्टर विनीत, ASI अजित सिंह, अजय कुमार, हेड कांस्टेबल सुधीर, विपिन, प्रवीण, साहिर, राजीव त्यागी, प्रवीण, निशांत, कांस्टेबल प्रवीण, कमल व गौरव त्यागी शामिल थे।